“मदरसों में राष्ट्रवाद पढ़ाया जाएगा, आतंकवाद नहीं” UP के मंत्री ने कहा- “योगी 2.0 की सरकार व्यवसायिक शिक्षा पर जोर देगी”

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री धर्मपाल सिंह ने मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि मदरसों में राष्ट्रवाद को प्रेरित करने वाली शिक्षा दी जाएगी. भविष्य में केवल उन्हीं मदरसों के संचालन की अनुमति दी जाएगी जो आतंकवादियों की कहानी का महिमामंडन करना बंद कर दें. धर्मपाल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा मदरसों में राष्ट्रवाद पढ़ाया जाना चाहिए ना कि आतंकवाद. योगी 2.0 की सरकार व्यवसायिक शिक्षा पर जोर देगी.

मंत्री ने आगे कहा, “मदरसा भारत की शिक्षा प्रणाली का एक अंग है. इसकी पहली वजह है कि मुस्लिम आबादी अनुपातिक रूप से शिक्षा में पिछड़ी रही है. सिलेबस में वैज्ञानिक और धर्म निरपेक्ष विषयों का अभाव है. जिसकी वजह से स्नातक करने के बाद रोजगार पानी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.”

धर्मपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि राज्य में मदरसा का सिलेबस केंद्र की नई शिक्षा नीति पर आधारित होगा. बरेली की आंवला सीट से पिछला विधानसभा चुनाव जीतने वाले सिंह ने कहा कि मदरसा शिक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाएगा और छात्र को व्यवसायिक शिक्षा दी जाएगी.

इसके साथ ही उन्होंने गौशालाओं को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि सरकार ने गायों की रक्षा के लिए राज्य भर की प्रत्येक नगर पालिका में गौशाला बनाने की योजना बनाई है. प्रदेश की हर नगर पालिका में एक बड़ा गौशाला बनाया जाएगा. शेल्टर में गाय खुले में नहीं घूमेंगी. उच्च दुग्ध उत्पादन वाली बेहतर नस्ल की गायों को भी गौशालाओं में रखा जाएगा.

गौशालाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया जाएगा ताकि उनके मैनेजमेंट के लिए किसी भी तरह की बाहरी आर्थिक मदद की जरूरत ना पड़े. गाय के दूध और गाय के गोबर और अन्य संबंधित उत्पादों की बिक्री से अर्जित आय के माध्यम से मेंटेन किया जाएगा.

बता दें कि धर्मपाल सिंह ने बरेली की आंवला सीट से पिछला विधानसभा चुनाव जीता था. सिंह के पास वर्तमान में उत्तर प्रदेश का पशुपालन विभाग होने के साथ ही अल्पसंख्यक मामलों का विभाग भी है.

इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के राजनीतिक सचिव और विधायक सांसद रेणुकाचार्य ने भी कहा था कि वह मुख्यमंत्री से मदरसों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश का आग्रह करेंगे. क्योंकि वे राष्ट्र विरोधी तत्वों को पैदा कर रहे हैं.