मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का निधन, जब अपने से 20 वर्ष छोटी लड़की को मुलायम दे बैठे थे दिल, देखें Video

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का शनिवार को निधन हो गया. साधना गुप्ता फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के चलते पिछले 15 दिनों से लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती थीं जहां उनका इलाज चल रहा था. वैसे तो साधना गुप्ता मुलायम की दूसरी पत्नी थीं. लेकिन आखिर क्या वजह थी कि शादी शुदा होते हुए भी 80 के दशक में उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मुलायम सिंह यादव को दूसरी शादी करनी पड़ी. यहां एक नजर डालते हैं साधना गुप्ता के जीवन को बचाने से लेकर तत्कालीन रालोद नेता व मुलायम सिंह यादव की मां मूर्ति देवी की जान बचाने से लेकर भारत के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक वंश की सदस्य बनने तक साधना गुप्ता का सफ़र-

औरेया जिले की निवासी हैं साधना

2003 तक साधना गुप्ता के बारे में कम ही लोग जानते थे. मुलायम सिंह यादव की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती यादव के निधन के बाद साधना गुप्ता को उस साल मुलायम सिंह की पत्नी का दर्जा मिला. साधना मूल रूप से यूपी के औरैया जिले के बिधूना की रहने वाली थीं. वह मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी और अपर्णा यादव की सास हैं, जो इस साल राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुई थीं.

‘बदलाव की लहर’ पुस्तक में मिलता है लव स्टोरी का ज़िक्र

हालाँकि, मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता ने पहले कभी अपने निजी जीवन के बारे में बात नहीं की, फिर भी पत्रकार और लेखक सुनीता आरोन की यादव के पहले बेटे अखिलेश यादव की जीवनी पुस्तक में कुछ विवरण दिए गए थे. ‘बदलाव की लहर’ नाम की किताब में सुनीता ने लिखा है, “शुरुआत में साधना और मुलायम एक-दूसरे को अनजाने में जानते थे. बाद में, मुलायम की मां मूर्ति देवी की वजह से दोनों करीब आ गए, जो लंबी बीमारी से पीड़ित थीं.

मुलायम की जिंदगी में 1988 के दौरान साधना आई

साधना ने लखनऊ के एक नर्सिंग होम और बाद में सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मूर्ति देवी की देखभाल की. “मेडिकल कॉलेज में एक नर्स मूर्ति देवी को गलत दवा का इंजेक्शन लगाने जा रही थी, जो साधना के संज्ञान में आई क्योंकि वह उस समय वहां मौजूद थी और नर्स को ऐसा करने से रोक दिया”. इस घटना के बारे में पता चलने पर मुलायम काफी प्रभावित हुए और यहीं से उनके रिश्ते की शुरुआत हुई. मुलायम की जिंदगी में 1988 के दौरान साधना आई, जिसके बाद वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. तभी से वह साधना को अपने लिए लकी मानने लगे.

इस वक़्त रिश्ता आया सामने

खबरों की मानें तो मुलायम के पूरे परिवार को तब उनके रिश्ते के बारे में पता था, लेकिन पब्लिक डोमेन में कुछ भी सामने नहीं आया. यह रिश्ता तब सामने आया जब यादव ने अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया जिसमें लिखा था- मैं मानता हूं कि साधना गुप्ता मेरी पत्नी हैं और प्रतीक मेरा बेटा है. 5 जुलाई को फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के चलते साधना को गुरुग्राम के मेदांता ले जाया गया और 9 जुलाई को यह प्रेम कहानी समाप्त हो गई.

इसके पीछे की सच्चाई जानने के लिए कृपया वीडियो को पूरा देखें-