मोहम्मद जुबैर ने गिरफ्तारी से पहले अपने फोन को किया फॉर्मेट, आखिर फोन में क्या छिपाना चाह रहा है जुबैर?

दिल्ली पुलिस द्वारा ऑल्ट-न्यूज़ के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर को उसके हिंदू-फ़ोबिक पोस्ट के लिए गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटों बाद, यह पता चला है कि उसने अपनी गिरफ्तारी से पहले अपने फ़ोन को फॉर्मेट कर दिया था. इसके अलावा, जुबैर पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर टाल-मटोल कर रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए आधार बनाने वाली पुलिस के साथ को-ऑपरेट नहीं कर रहा है.

मोहम्मद जुबैर का कहना है कि उसका वो फोन खो गया है जिससे उसने 2018 में ऐसे ट्वीट्स किए थे. पुलिस ने कहा है कि जुबैर जाँच और पूछताछ में भी सहयोग नहीं कर रहा है. उसने अधिकतर सवालों के जवाब नहीं दिए और पेपर्स पर सिग्नेचर करने से भी साफ़ मना कर दिए. पुलिस ने उससे और सूचनाएँ निकलवाने के लिए एक दिन की कस्टडी माँगी थी. मोहम्मद जुबैर को उसका गैजेट खोजने को भी कहा गया है. पूरी जाँच में ये गैजेट मुख्य सबूत है.

जुबैर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए बालाजीकीजय का ट्वीट (साभार: सोशल मीडिया)

गौरतबल है कि मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295 (ए) और 153 के तहत दंगा भड़काने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने और उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मोहम्मद जुबैर पर दर्ज FIR की कॉपी भी सामने आई है. ये FIR ‘हनुमान भक्त’ नाम के ट्विटर हैंडल द्वारा दायर की गई शिकायत पर दर्ज कराया गया है. इसमें उसने भगवन हनुमान का मजाक बनाया था. आरोप है कि उसने हनुमान जी को ‘हनीमून’ से जोड़ा. हिन्दू धर्म में हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा गया है. इसे एक समाज की भावनाओं को भड़काने वाला बताया गया, जो बाद में शांति और सामंजस्यता के लिए खतरा बन सकता है.

मोहम्मद जुबैर पर दर्ज FIR की कॉपी