कश्मीर में प्रवासी बने आतंकियों का टारगेट, शोपियां में ग्रेनेड हमले में दो मजदूर घायल

कश्मीर में टारगेट किलिंग का एक बड़ी समस्या हो चली है. आतंकियों ने एक बार फिर मजदूरों (Migrant Labourers) को अपना निशाना बनाया है. शोपियां में आतंकियों ने कुछ मजदूरों पर ग्रेनेड से हमला किया. जिसमें दो मजदूर जख्मी हो गए.  जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. दोनों ही मजदूर अन्य राज्यों से यहां आए हुए हैं. पिछले एक हफ्ते से आतंकी लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. 
इससे पहले कश्मीर के बडगाम में भी आतंकियों ने दो मजदूरों को गोलियां मारी थीं. जिसमें एक मजदूर की कुछ ही देर बाद मौत हो गई. दूसरा मजदूर फिलहाल अस्पताल में है. मजदूरों पर हुए इस हमले से कुछ ही घंटे पहले आतंकियों ने कुलगाम में बैंक में घुसकर 26 साल के मैनेजर विजय कुमार की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी. जो राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे. 

भारी संख्या में कश्मीर से पलायन शुरू


बेखौफ आतंकियों ने कश्मीर में एक बार फिर बाहरी लोगों को निशाना बनाना शुरू किया तो कश्मीर से पलायन भी शुरू हो गया. प्रवासी लोग कश्मीर छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं, उनका कहना है कि फिलहाल उन्हें अपनी जान प्यारी है. ऐसे माहौल में काम कैसे कर सकते हैं. इन घटनाओं के बाद कश्मीर से भारी संख्या में लोगों को निकलते हुए देखा जा रहा है. वहीं इन पलायन की तस्वीरों को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर भी है. विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी सिर्फ कश्मीर के नाम पर राजनीति करती है, असली सच लोगों के सामने आ चुका है. 

केंद्र ने दिया निर्देश

लगातार हो रही टारगेट किलिंग को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से भी कुछ निर्देश जारी किए गए हैं. शुक्रवार 3 जून को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई. जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, थलसेना प्रमुख मनोज पांडे और जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत तमाम अधिकारी शामिल थे. इस बैठक में निर्देश दिए गए कि आतंकवाद फैलाने वालों को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाए, वहीं कश्मीरी और अन्य राज्यों से आए सभी लोगों की सुरक्षा की भी बात कही गई.