भारत में बाजार, लेकिन चीन में नौकरी. भारत सरकार का टेस्ला को जवाब – “मैं झुकेगा नहीं”

रिपोर्ट – दीपक पाण्डेय

भारत में अमरिकी वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला इलेक्ट्रिक अपने उत्पादों के लिए आयात शुल्क में कटौती करना चाहता है, लेकिन भारत सरकार चाहती है कि टेस्ला स्थानीय स्तर पर उत्पादों का निर्माण करे. इसे लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा है कि यह स्वीकार नहीं कि बाजार भारत हो लेकिन रोजगार चीन में पैदा हो.

भारत सरकार पहले स्पष्ट कर चुकी है कि टैक्स में किसी भी रियायत पर विचार करने से पहले टेस्ला को स्थानीय रूप से निर्माण करने की आवश्यकता है. केन्द्रीय मंत्री ने कांग्रेस के सदस्य सुरेश के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कंपनी चीन और भारत के बाजार से श्रमिकों को चाहती है. मोदी सरकार में यह संभव नहीं है. हमारी सरकार की नीति है कि अगर भारत के बाजार का इस्तेमाल करना है तो भारतीयों को रोजगार के अवसर देने होंगे.

बता दें कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की गति लगातार बढ़ रही है और दोपहिया, तीन-पहिया और चार पहिया सेगमेंट बड़ा हो रहा है. देश में मर्सिडीज-बेंज, ऑडी, जगुआर लैंड रोवर और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कार निर्माता कंपनियां अपने उत्पाद लाए हैं, जबकि टाटा मोटर्स, हुंडई और एमजी मोटर इंडिया जैसे निर्माता भारतीय बाजार के बड़े खिलाड़ी हैं और उनके पास विकल्प उपलब्ध हैं. इसी बाजार को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी ईवी प्लेयर टेस्ला की ललचाई नजरें भारतीय बाजार पर हैं.

टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क ने हाल ही में एक ट्वीट के जवाब में कहा कि उनकी कंपनी सरकार के साथ चुनौतियों के कारण अभी भारत में नहीं है. कई राज्य सरकारों ने मस्क को आमंत्रित करने और लुभाने के लिए तत्पर थे. पश्चिम बंगाल से लेकर पंजाब और महाराष्ट्र तक पूरे देश में न्योता भेजा गया था. लेकिन भारतीय संदर्भ में आयात कर में कटौती जैसे महत्वपूर्ण कारक केवल केंद्र सरकार द्वारा तय किए जा सकते हैं और फिलहाल, ऐसा प्रतीत होता है कि टेस्ला स्थानीय स्तर पर निर्माण करने के लिए अनिच्छुक है.

पिछली रिपोर्टों की मानें तो टेस्ला मोटर्स इंडिया एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भारत में रजिस्टर किया गया है, जिसका कार्यालय बेंगलुरु में है. बेंगलुरु वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए एक केंद्र है, और यह भारत में सबसे मजबूत ईवी अवसंरचनाओं में से एक है. कंपनी अपनी कारों की टेस्टिंग भारत में शुरू कर दी है, लेकिन उनकी लॉन्च पर अभी भी संशय बरकरार है. अगर ऐसा होता है तो कंपनी भारत में सबसे पहले मॉडल 3 सेडान को लॉन्च करेगी.

यहां ध्यान देने वाली बात है कि विश्व स्तर पर चीन के शंघाई में टेस्ला का सबसे बड़ा निर्माण प्लांट है, जहां से वह न केवल चीनी बाजार के लिए आधार के रूप में कार्य करती है बल्कि यहां निर्मित उत्पादों को कई यूरोपीय बाजारों में भी भेजा जाता है. टेस्ला की योजना थी कि वह चीन में बनी कारों को भारत में बेचेगी, लेकिन भारत सरकार ने दो टूक कहा था कि – यहां चीन की बनी कारें मत बेचो.

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