Jihad Plan: बिहार आतंकी मॉड्यूल का नया खुलासा, नेपाल से दिल्ली तक Terror कॉरिडोर बनाने की तैयारी…

वैसे तो भारत एक सेक्युलर और संवैधानिक देश है। इसके बावजूद इस्लामिक चरमपंथी भारत को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते. वे इसी संविधान की आड़ में भारत में शरिया लागू करना चाहते हैं. इसकी तम्मना भारत को पूरी तरह से बर्बाद करके गजवा – ए – हिन्द बनाने की है.
इसी का एक उदाहरण हाल ही में उस समय सामने आया जब बिहार में इस्लामिक मोड्यूल का खुलासा हुआ जो भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की योजना पर काम कर रहा था. बिहार पुलिस ने पटना के फुलवारी शरीफ इलाके से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के साथ संबंधों के आरोप में गिरफ्तारी करते हुए भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. मामले में अब तक अतहर परवेज, अरमान मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन समेत पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस ने मामले में 26 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है.

इसी मामले में नया खुलासा ये हुआ है कि भारत के खिलाफ साजिश रचने के लिए आतंकी बिहार को अपना नया ठिकाना बना रहे हैं. यहां से यह लोग नेपाल बॉर्डर से दिल्ली तक आतंकी कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर रहे हैं. दैनिक भाष्कर की रिपोर्ट के अनुसार इसमें तीन संगठन काम कर रहे हैं और इनका मकसद भारत को तबाह करना है.
जांच में सामने आया है कि भारत की तबाही के मिशन में आतंकी संगठन सिमी के अपडेट वर्जन भी पीएफआई से जुड़े लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे थे. इसमें सबसे खतरनाक मकसद उसका था, जिसका भंडाफोड़ फुलवारी शरीफ इलाके में हुआ था. इनका मकसद भारत को 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र बनाने का था.

फुलवारी शरीफ आतंकवादी मॉड्यूल मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी को कतर से क्रिप्टोकरंसी के रूप में धन प्राप्त होता था. फुलवारी शरीफ निवासी मारगुव अहमद दानिश को भारत विरोधी विचारों का प्रचार करने के लिए दो व्हाट्सऐप ग्रुप गजवा-ए-हिंद और डायरेक्ट जिहाद चलाने के आरोप में 15 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले सबूतों से पता चला है कि दानिश को कतर स्थित संगठन अल्फाल्ही से क्रिप्टोकरंसी के रूप में धन प्राप्त हुआ था. फिलहाल मामले की जांच एनआईए कर रहा है. अधिकारी ने कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि दानिश पाकिस्तान स्थित कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक से जुड़ा था. वह एक पाकिस्तानी नागरिक फैजान के नियमित संपर्क में भी था. फिलहाल पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसिया भी जांच में जुटी हुई हैं.