देशभर में वैक्सीनेशन का आंकड़ा पहुंचा 150 करोड़ के पार, भारत के लिए ऐतिहासिक माइलस्टोन

भारत ने COVID-19 के खिलाफ अपने टीकाकरण कार्यक्रम में एक बड़ा माईलस्टोन हासिल किया. देश में प्रशासित वैक्सीन की डोज शुक्रवार को 150 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों की अथक मेहनत के कारण संभव हुई एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” करार दी.

WHO ने ओमिक्रोन को लेकर जारी की चेतावनी

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 91 प्रतिशत से अधिक वयस्क आबादी को कम से कम एक खुराक मिली है, जबकि 66 प्रतिशत से अधिक को पूरी तरह से टीका लगाया गया है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसकी वजह ओमिक्रॉन वेरिएंट को माना जा रहा है. ओमिक्रॉन को लेकर अभी तक कई अध्यनय सामने आ चुके हैं. जिनसे पता चलता है कि यह वेरिएंट मरीजों में गंभीर स्थिति पैदा नहीं कर रहा है. वहीं इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ओमिक्रॉन जितनी तेजी से फैलेगा उतनी ही जल्दी नया वैरिएंट आ सकता है. तेज संक्रमण का उल्टा असर भी हो सकता है यानी खतरनाक भी हो सकता है.

3 जनवरी से शुरू हुआ टीकाकरण का अगला चरण

देश भर में टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को पहले चरण में टीका लगाया गया था. फ्रंटलाइन वर्कर्स (FLWs) का टीकाकरण 2 फरवरी से शुरू हुआ था. COVID-19 टीकाकरण का अगला चरण 1 मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निर्दिष्ट सह-रुग्ण स्थितियों के साथ शुरू हुआ. देश ने पिछले 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू किया. सरकार ने तब 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण की अनुमति देकर अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करने का निर्णय लिया. COVID-19 टीकाकरण का अगला चरण इस साल 3 जनवरी से 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों के लिए शुरू हुआ.

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