Hyderabad Encounter 2019: SC ने एनकाउंटर को बताया फर्जी, कहा- “जान-बूझकर मारने के इरादे से मारी गई गोली”

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक आयोग ने शुक्रवार को कहा कि तेलंगाना में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए चार सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोपियों को जानबूझकर उनकी मौत के इरादे से गोली मारी गई थी.

हैदराबाद पुलिस के आचरण पर रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चार में से तीन नाबालिग थे जबकि पुलिस ने दावा किया था कि तीनों 20 साल के थे.

रिपोर्ट में कहा गया है, “हमारी राय में, आरोपियों को जानबूझकर उनकी मौत का कारण बनाने के इरादे से गोली मारी गई थी.“

बता दें कि हैदराबाद में एक महिला पशु चिकित्सक का अपहरण कर लिया गया था. जिसके बाद उसका सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में हैदराबाद के पास NH-44 पर उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पीड़िता के शरीर को बाद में आरोपियों ने अपने अपराध को छिपाने के प्रयास में जला दिया था. चारों आरोपियों को नवंबर 2019 में एक पशु चिकित्सक के सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था.

बाद में हैदराबाद पुलिस ने चारों आरोपियों को उसी हाईवे पर मार गिराया. पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे, जबकि उन्हें जांच के लिए अपराध के स्थान पर ले जाया गया था.

मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली का जांच पैनल वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में रखने की मांग से सहमत नहीं था और कहा, “यह एनकाउंटर मामले से संबंधित है. यहां रखने को कुछ नहीं है. आयोग ने किसी को दोषी पाया है. हम मामले को हाईकोर्ट भेजना चाहते हैं.”