Gujarat: मोरबी में 140 साल पुराना पुल टूटने से 60 से ज्यादा की मौत, कई लापता, 5 दिन पहले ही हुआ था शुरू

एक ओर देश में छठ पूजा की धूम है. वहीँ गुजरात में रविवार शाम को एक बड़ी दुर्घटना हुई. यहां मच्छु नदी में बने केबल पुल टूटने से 400 लोग नदी में गिर गए. वहीँ पूर्व भाजपा विधायक कांतिलाल अमृतिया के अनुसार, इस घटना में 60 लोगों की मौत भी हुई है. जबकि, कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. हालाँकि, मरने वालों की संख्या को लेकर आधिकारिक आँकड़ा सामने नहीं आया है. इस हादसे की जानकारी लेने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के समय इस पुल में भारी संख्या में लोग मौजूद थे. इस कारण पुल पर बहुत अधिक वजन बढ़ जाने से पुल टूट गया और उसमें मौजूद लोग नदी में गिर गए. नदी में डूबे हुए लोगों को बचाने व मृतकों के शव निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय लोग भी पुलिस और प्रशासन की मदद कर रहे हैं. साथ ही, आपदा से बचाव के लिए NDRF की दो टीमें में रवाना की गई हैं.

140 साल पुराने इस पुल में बीते 7 महीनों से रिनोवेशन का काम किया जा रहा था. जिसके कारण इस पुल को बंद किया गया था. रिनोवेशन के बाद मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को यानी 5 दिन पहले ही चालू किया गया था. पुल की लंबाई 200 मीटर व चौड़ाई 4-5 मीटर बताई जा रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, इस पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ‘ओरेवा ग्रुप’ नामक प्राइवेट कंपनी के पास है. इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037, यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया है. ग्रुप के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने और स्टाफ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी थी. रिनोवेशन के बाद भी इतना बड़ा हादसा होने पर ‘ओरेवा ग्रुप’ पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह व गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दुःख जताया है. साथ ही, प्रधानमंत्री ने हादसे को लेकर गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल से बात की करते हुए बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने के लिए कहा है. पीएम मोदी ने स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने के लिए भी कहा है.
 
घटना के तुरंत बाद गुजरात सरकार ने मृतकों के परिवार को 4 लाख और घायलों के परिवार को 50 हजार रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हादसे में जान गँवाने वालों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है.