“दूसरे धर्म की इबादत करने वाले काफ़िर…” गणेश पूजा करने पर मुस्लिम महिला भाजपा नेत्री के खिलाफ जारी हुआ फतवा

इस्लामी चरमपंथी हिन्दू त्योहारों को अपना निशाना बनाने का कोई भी मौका छोड़ना नहीं चाहते. उनकी मनसा हर समय हिन्दुओं और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान की रहती है. दूसरी ओर यदि कोई मुस्लिम भक्त हिन्दू देवी या देवता की पूजा अराधना करने लगे, तो उसके खिलाफ वे फतवा जारी करना शूरु कर देते हैं. साथ ही उसे तरह-तरह की प्रताड़नाएं और गलियां दी जाती हैं. ऐसा ही एक वाकया उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है. जहां गणेश भक्त मुस्लिम भाजपा नेता रूबी आसिफ खान के खिलाफ फतवा जारी किया गया है. रूबी की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने हिन्दू धर्म का सम्मान करते हुए गणेश भक्ति में उनकी प्रतिमा स्थापित की थी.

शहर के मौलाना का कहना है कि दूसरे धर्म की इबादत करने वाले काफिर हैं. इस पर रूबी खान ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, “जो मौलाना और मौलवी फतवा जारी कर रहे हैं, वे जिहादी और उग्रवादी हैं.”

रूबी ने 3 दिन पहले अपने घर पर गणेश प्रतिमा स्थापित की थी. इसके बाद ही विवाद शुरू हुआ. रूबी जयगंज मंडल महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं. 31 अगस्त को वैदिक मंत्रों के साथ उन्होंने अपने घर में गणेश प्रतिमा स्थापित की थी. विधि-विधान से पूजा करने के बाद उन्होंने भगवान गणेश को लड्डू और मोदक का प्रसाद चढ़ाया था.

इस पर सहारनपुर के मौलवी मुफ्ती अरशद फारूखी ने सवाल उठाया था. सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने पूछा था कि क्या इस्लाम उन्हें ऐसा करने की इजाजत देता है? इसके बाद से विवाद शुरू हो गया.

फतवा जारी करने वाले खुद मुस्लिम नहीं

रूबी आसिफ खान ने शनिवार को मौलानाओं के बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, ”सच्चे मुसलमान इस तरह की बातें नहीं करते हैं. जो मौलाना और मौलवी फतवा जारी कर रहे हैं, वे खुद मुसलमान नहीं हैं. उनकी सोच देश को बांटने वाली है. वे हिंदुस्तान में रहकर भी अपनी सोच नहीं बदल पाए हैं.”

उन्होंने कहा, ”मैं जाति-धर्म का भेदभाव नहीं मानती हूं. देश की अखंडता और हिंदू-मुसलमान की एकता के लिए लगातार पूजा कर रही हूं. गुरुवार को प्रतिमा विसर्जित करने जाऊंगी. मेरी सोच एकता वाली है. हर धर्म का सम्मान करती हूं और सारे त्योहार मनाती हूं.”

पहले भी जारी हो चुके हैं फतवे

रूबी ने बताया, ”ये लोग पहले भी मेरे खिलाफ फतवे जारी कर चुके हैं. इस्लाम से निकालने के लिए पोस्टर लगवाए गए थे. मुझ पर चाहे जितना भी दबाव बनाने की कोशिश की जाए, मैं अपने देश के लिए कुछ करना चाहती हूं. मैं किसी दबाव में नहीं आऊंगी. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे देश का भला नहीं चाहते हैं.”

खुदा को मानने वाला ही सच्चा मुसलमान: मौलाना मुफ़्ती जाहिद (पूर्व प्रोफेसर AMU)

AMU के पूर्व प्रोफेसर और मौलाना मुफ्ती जाहिद ने कहा, ”जो अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करता है, वह मुसलमान नहीं है. इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी कब्र, नबी या किसी की भी इबादत करने की इजाजत नहीं है. कोई शख्स मुसलमान के घर में पैदाइश लेने से मुसलमान नहीं होता. इंसान को बालिग होने के बाद जो ईमान है, वो लाना पड़ेगा तभी मुसलमान होगा. एक खुदा को मानने वाला ही सच्चा मुसलमान है. अगर किसी मुस्लिम महिला ने गणेश की मूर्ति रखी है, तो ऐसे करने वाले काफिर हैं.”

सहारनपुर के मौलाना ने किया था विरोध

सहारनपुर के मौलाना मुफ्ती अरशद फारूखी ने 1 सितंबर को कहा था कि भगवान गणेश को हिंदू काफी पूजनीय मानते हैं. उनको ज्ञान के साथ-साथ सुख और समृद्धि देने वाला माना जाता है. मुफ्ती ने कहा था कि इस्लाम में मूर्ति पूजा नहीं होती है. इस्लाम में अल्लाह के अलावा किसी की पूजा नहीं की जाती है. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे इस्लाम के खिलाफ हैं. ऐसा करने वालों के खिलाफ वही हुक्म जारी होता है, जो इस्लाम के खिलाफ जाने वालों के लिए है.