किसान आन्दोलन : किसानों के आगे के बार फिर झुकी मोदी सरकार, पराली जलाना अपराध नहीं

 संसद के सोमवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के पहले केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा की एक और मांग मान ली है। अब पराली जलाना अपराध नहीं होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को कहा, तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की किसानॉन की मांग हमने मान ली है। अब किसानों को अपने घर लौट जाना चाहिए। वहीं, किसानों ने सरकार की पहल का जवाब देते हुए 29 नवंबर से संसद की अाेर प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च टाल दिया है। हालांकि प्रदर्शन अभी जारी रहेगा।

मोर्चा ने एमएसपी की गारंटी सहित अन्य मांगों पर विचार के लिए चार दिसंबर तक का समय दिया है। उसी दिन आंदोलन को लेकर बैठक होगी। हालांकि किसान नेता राकेश टिकैत संसद मार्च पर अड़े हुए हैं। तोमर ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किया वादा भी पूरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल विविधता, शून्य-बजट खेती और एमएसपी प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समिति बनाने का ऐलान किया है।

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