‘जोहार! नमस्कार!’, द्रौपदी मुर्मू बनीं भारत की 15वीं राष्ट्रपति, प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ

आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (25 जुलाई ) भारत के 15वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. पदभार ग्रहण करने का समारोह संसद के सेंट्रल हॉल में हुआ. मुर्मू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सेंट्रल हॉल तक ले गए.

द्रौपदी देश की पहली जनजाति और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं. वह अब तक की सबसे कम उम्र की प्रथम नागरिक बनी हैं. कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, प्रधानमंत्री मोदी, कई प्रदेशों के राज्यपाल, कई मुख्यमंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और कई देशों के राजदूत मौजूद रहे. 21 टोपों की सलामी के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने देश को पहली बार संबोधित किया. उन्होंने ‘जोहार! नमस्कार!’ के साथ संबोधन आरंभ किया. उन्होंने कहा कि वह देश की पहली ऐसी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने आजाद भारत में जन्म लिया.

इसके बाद वह राष्ट्रपति भवन के रवाना हुईं. वहाँ उन्हें एक इंटर सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा. बता दें कि शपथ ग्रहण करने के लिए संसद भवन पहुँचने से पहले द्रौपदी मुर्मू आज राजघाट गई थीं. वहाँ उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हुईं. वहाँ उनका स्वागत निवर्तमान राष्ट्रपति कोविंद और उनकी पत्नी ने गुलदस्ता देकर किया.

गौरतलब है कि निवर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई 2022 को समाप्त हो गया है. उन्होंने कल रात आखिरी बार बतौर राष्ट्रपति देश को संबोधित किया था. उन्होंने संबोधन में देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आभार प्रकट करते हुए बताया था कि इन पाँच सालों में उनके सबसे यादगार पल वे थे जब वो राष्ट्रपति बन अपने गाँव गए और बुजुर्ग शिक्षकों के पाँव छुए.