Deoghar Accident: 40 घंटों बाद खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, वायुसेना ने 40 से अधिक लोगों को बचाया, 3 की मौत

झारखंड के देवघर में त्रिकूट रोपवे सेवा पर एक दुर्घटना के बाद कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। झारखंड के देवघर जिले में तीन केबल कारों में करीब 40 घंटे तक 40 से अधिक लोग हवा में फंसे रहे। भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा बचाव अभियान चलाया गया, इस ऑपरेशन में वायु सेना के दो हेलीकॉप्टर और दर्जनों अधिकारी शामिल थे। भारतीय वायुसेना के बचाव अभियान के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, एक पुरुष और एक महिला की बचाव के दौरान हेलीकॉप्टर से गिरने से मौत हो गई, जबकि एक की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई.

वायुसेना ने बचाव हेतु तैनात किये हेलीकाप्टर

बताया जाता है कि यह घटना उस समय हुई जब रविवार (1 अप्रैल) को बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकूट पहाड़ियों पर रोपवे पर कुछ केबल कारों की टक्कर हो गई। इस घटना के तुरंत बाद, IAF को रोपवे सेवा में फंसे लगभग 40 पर्यटकों को बचाने के लिए सूचित किया गया था। इसके तुरंत बाद, भारतीय वायु सेना ने तुरंत अनुरोध का जवाब दिया और बचाव अभियान के लिए सोमवार की सुबह एक एमआई -17 और एक एमआई -17 वी 5 हेलीकॉप्टर तैनात किया.

26 अप्रैल को झारखण्ड हाईकोर्ट में होगी मामले की सुनवाई

रविवार की सुबह अस्पताल में एक महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि त्रिकूट पहाड़ियों के पर्यटन स्थल पर रोपवे दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई क्योंकि रविवार शाम को एक अन्य व्यक्ति की एयरलिफ्ट करते समय मौत हो गई। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे के पीछे के सही कारणों की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके अलावा, रोपवे प्रबंधक और अन्य कर्मचारी घटना के बाद से भाग गए थे. झारखंड उच्च न्यायालय ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। झारखंड हाईकोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 26 अप्रैल को करेगा.