200 वर्षों में ब्रिटेन को मिला सबसे यंग PM: ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के PM, किंग चार्ल्स ने सौंपी जिम्मेदारी

भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए. इससे पूर्व सुनक ने बकिंघम पैलेस पहुंचकर किंग चार्ल्स से मुलाकात की. किंग ने उन्हें अपॉइंटमेंट लेटर सौंपते हुए नई सरकार बनाने को कहा. ब्रिटेन की परंपरा के अनुसार, ऋषि सुनक पर्सनल कार से बकिंघम पैलेस पहुंचे थे.

बकिंघम पैलेस से ऋषि प्राइम मिनिस्टर की ऑफिशियल कार से ऑफिशियल रेसिडेंस 10 डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचे. यहां उन्होंने बतौर प्रधानमंत्री देश के नाम पहला संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने कहा- देश इस वक्त मुश्किल में है. पूर्व PM लिज ट्रस से कुछ गलतियां हुई हैं. अब हम इन्हें सुधारेंगे.

इकॉनमी फेस करना बड़ी चुनौती

सुनक ने कहा- मैं अभी किंग से मिलकर आया हूं. उन्होंने मुझे नई सरकार बनाने को कहा है. आप जानते हैं कि इस वक्त हमारी इकोनॉमी मुश्किल दौर में है. कोविड की वजह से पहले ही दिक्कत थी. पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करके हालात और खराब कर दिए हैं. पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस हालात सुधारना चाहती थीं, उन्होंने बिना थके काम किया, लेकिन गलतियां हुईं. अब हम इन्हें सुधारेंगे.

देश को करूंगा एकजुट

सुनक ने आगे कहा- मैं इस देश को फिर एकजुट करूंगा. ये मैं सिर्फ कह नहीं रहा हूं, बल्कि करके भी दिखाऊंगा. दिन-रात आपके लिए काम करूंगा. उन्होंने आगे कहा- 2019 में कंजर्वेटिव पार्टी को समर्थन मिला था. यह किसी एक शख्स के लिए नहीं था. हेल्थ, बॉर्डर प्रोटेक्शन और आर्म्ड फोर्सेस के लिए काम किया जाएगा.

आज हमारे सामने कई चैलेंज हैं. बतौर चांसलर मैंने जो काम किए, वह जारी रखूंगा. देश के लोगों की बेहतरी को सियासत से ऊपर रखा जाना चाहिए. आपके खोए हुए कॉन्फिडेंस को लौटाया जाएगा. रास्ता मुश्किल जरूर है, लेकिन हम फासला तय करेंगे.

लोकप्रियता का कारण

सुनक की जीत का एक बड़ा कारण उनकी बैंकर की छवि है. बतौर PM ट्रस के विफल रहने का सबसे बड़ा कारण आर्थिक मोर्चे पर विफल रहना था. ब्रिटेन में महंगाई चुनाव का अहम मुद्दा रहा. ब्रिटेन में आर्थिक अस्थिरता भी रही जिसके बाद जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री रह चुके सुनक इकोनॉमिक बेल आउट प्लान लाए थे, इसे मिडिल क्लास ने खासा सराहा था और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ गई.