हिंसा और उपद्रव के लिए तैयार हो रही एक और पीढ़ी, नूपुर शर्मा की तस्वीर पर पेशाब करते मुस्लिम बच्चों का विडियो वायरल

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा पिछले 2 हफ्तों से नफरत का निशाना बनी हुई हैं. नुपुर जब से टाइम्स नाउ न्यूज चैनल पर विवादित ज्ञानवापी ढांचे के अंदर शिवलिंग के मुद्दे पर टीवी डिबेट में दिखाई दी हैं, तब से उन्हें गाली-गलौज और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.

भले ही उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी है, और यहां तक ​​कि भाजपा से निलंबित भी कर दी गई है, लेकिन दुर्व्यवहार जल्द ही किसी भी समय रुकने का कोई संकेत नहीं दिखा रहा है. देश ने शुक्रवार, 10 जून को दोपहर की नमाज के बाद इस्लामवादियों के खिलाफ व्यापक विरोध देखा. कहीं नूपुर शर्मा का पुतला लटका दिया गया ये जताने के लिए कि वे उनके साथ क्या करना चाहते हैं, कहीं उनका पुतला जलाया गया, तो कहीं उपद्रवियों ने हिंसा करते हुए मांग की कि नूपुर शर्मा को व्यक्तिगत रूप से फांसी दी जानी चाहिए.

इन सभी विरोधों के बीच, शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बच्चों का एक झुंड नूपुर शर्मा की तस्वीर पर सार्वजनिक रूप से पेशाब कर रहा है. वीडियो में बच्चे नूपुर की तस्वीर पर पेशाब कर रहे हैं, जबकि कई अन्य बच्चे उन्हें चीयर कर रहे हैं. वायरल वीडियो के स्थान का पता नहीं चल सका है लेकिन इस विरोध से स्पष्ट है कि विडियो हाल ही के दिनों का है.

नुपुर की फोटो पर पेशाब करने की हरकत सिर्फ एक ही इच्छा से की गई, ताकि उन्हें नीचा दिखाया जा सके. एक उच्च पितृसत्तात्मक समाज में पले-बढ़े, इन बच्चों ने बचपन से सीखा है कि अगर किसी महिला ने आपको गुस्सा दिलाने की हिम्मत की है तो उसके चेहरे पर पेशाब करना पूरी तरह से सामान्य है.

पोस्टर पर चेहरे पर पेशाब करने के लिए इन बच्चों की जय-जयकार करके अब इन लड़कों को यह भी बता दिया गया है कि उनका लिंग एक महिला को अपमानित करने का एक उपकरण है. वे इसका इस्तेमाल किसी महिला पर पलटवार करने के लिए कर सकते हैं जो उन्हें किसी भी समय गुस्सा दिलाती है. कुछ लोग कहेंगे ये तो सिर्फ बच्चे हैं तो साथ ही यह भी बता दें कि बच्चे हमेशा के लिए बच्चे नहीं रहेंगे, वे बड़े होंगे, और वे अपनी युवावस्था में कैसे बनते हैं, यह इन सभी छोटी-छोटी बातों पर निर्भर करेगा.