Agnipath Scheme Protest: छात्रों को भड़का रहे हैं प्रभावशाली YouTubers और कोचिंग संस्थान, कर रहे हैं फर्जी दावे

भारत सरकार द्वारा अग्निपथ भर्ती योजना की घोषणा को लेकर बिहार सहित कई राज्यों में युवाओं द्वारा अभूतपूर्व हिंसा और बर्बरता देखी जा रही है. ऐसे में बिहार राज्य के प्रभावशाली Youtubers और कोचिंग संस्थान गलत सूचनाओं को हथियार बनाकर और विरोध में सड़क पर उतरने के लिए उकसाकर अशांति और अराजकता की आग में ईंधन डाल रहे हैं.

सच तक न्यूज से जुड़े मनीष कश्यप नाम के एक नामी पत्रकार को निजी एजेंसियों के जरिए अग्निपथ योजना के लिए भर्ती करने का झूठा दावा कर छात्रों को भड़काते देखा गया. उन्होंने एक यूट्यूब वीडियो में दावा किया कि आने वाले समय में अग्निपथ के तहत होने वाली आर्मी भर्ती किसी प्राइवेट एजेंसी के द्वारा की जाएगी. जबकि यह दवा फर्जी है. भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई भी घोषणा नहीं की गयी है. कश्यप ने आगे दावा किया, “चार साल की अवधि के लिए भर्ती एक निजी एजेंसी द्वारा की जाएगी. सेना में आपकी सेवा पूरी होने पर वे आपको एक साल के लिए काम पर रखेंगे और फिर आपको निकाल देंगे.”

एसके झा, एक टीचर, जिनके पास Youtube पर 6.8 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, छात्रों को भड़काते करते हुए और उन्हें 1974 के जेपी आंदोलन का अनुकरण करने के लिए कहते हुए देखा गया. 1974 में जयप्रकाश नारायण ने बिहार में छात्रों को लामबंद किया था और बिहार सरकार के कुशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था. एसके झा ने कहा कि, “भारत एक और जेपी आंदोलन से गुजर रहा है. छात्र क्रोध में हैं. आप 4 साल तक भर्तियों को बंद रखें और फिर एक ऐसी योजना लाएं, जिसका कोई सिर और पूंछ न हो … मैं इस योजना का समर्थन नहीं करता हूँ.” आगे उन्होंने कहा, ‘जिस किसी ने भी इस योजना का आइडिया सरकार को दिया है, मैं उसका पुतला बनाकर जला दूंगा… राज्य में आग लगी है. हमने आपको जिम्मेदारी दी थी. अपना कर्तव्य करो.”

फ्यूचर टाइम्स कोचिंग से जुड़ी एक अन्य टीचर काजल ने भी एक यूट्यूब वीडियो के जरिए छात्रों को गुमराह किया. उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने युवाओं की परिभाषा बदल दी है और इसे 17.5-21 वर्ष के बीच के व्यक्तियों तक सीमित कर दिया है. उन्होंने यह भी दावा किया कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती किए गए युवा ‘छोटे दौरे’ के समान होंगे. काजल ने सरकार को दोषी बताते हुए यह भी कहा कि, “आप छात्रों का ब्रेनवॉश कर रहे हैं.”

रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा किए गए परीक्षणों पर भी छात्रों को भड़काकर करायी गई थी हिंसा

बता दें कि पिछले दिनों बिहार राज्य ने रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा किए गए परीक्षणों पर हिंसा देखी थी. खान सर सहित कई कोचिंग सेंटर हिंसा भड़काने के आरोप में जांच के घेरे में आ गए थे. रेलवे संपत्ति को नष्ट करने के लिए लगभग 400 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया था. अब सरकार को अग्निपथ योजना को वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए, छात्रों द्वारा हिंसा और तोड़फोड़ का सहारा लिया जा रहा है. बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और बड़े पैमाने पर आगजनी के हमले देखे गए.