राष्ट्र के नाम संबोधन: 3 जनवरी से 15 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को टीके, 10 जवरी से बुजुर्गों को बूस्टर डोज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात 9:46 बजे ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए 3 अहम घोषणाएं कीं. पहली- 15 से 18 साल तक के सभी बच्चों को 3 जनवरी से टीके लगने शुरू होंगे. देश में इनकी संख्या 8 करोड़ के करीब हैं. दूसरी- कोरोना से सीधी लड़ाई लड़ रहे हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स भी वैक्सीन की प्री-कॉशन डोज ले सकेंगे. इसकी शुरुआत भी 10 जनवरी से होगी. देश में हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या 3 करोड़ के करीब हैं. तीसरी- 60 साल से ऊपर की उम्र के को-मॉरबिडिटी वाले वरिष्ठ नागरिक वैक्सीन का प्री-कॉशन डोज (तीसरी डोज) लगवा सकेंगे. यह डोज डॉक्टर की सलाह पर उपलब्ध होगी. इसकी शुरुआत भी 10 जनवरी से होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में भी कई लोगों के ओमिक्रॉन से संक्रमित होने का पता चला है. मैं सभी से आग्रह करूंगा कि घबराएं नहीं, सावधान और सतर्क रहें. मास्क पहने और हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर पर धोते रहें. कोरोना वैश्विक महामारी से लड़ाई का अब तक का अनुभव यही बताता है कि व्यक्तिगत स्तर पर सभी दिशानिर्देशों का पालन, कोरोना से मुकाबले का बहुत बड़ा हथियार है. दूसरा हथियार वैक्सीनेशन है.
केंद्र सरकार से जुड़े महामारी विशेषज्ञों के अनुसार, जिस वैक्सीन की दो डोज लगी हैं, तीसरी डोज भी उसी वैक्सीन की होगी, जबकि बूस्टर डोज अलग होती है. इसलिए इसे बूस्टर नहीं, बल्कि तीसरी या अतिरिक्त डोज कहा जाएगा.

इन बुजुर्गों को लगेगी तीसरी डोज

60+ के वे सभी, जिनकी किडनी, लिवर या कोई प्रत्यारोपण हुआ हो. स्टेम सेल ट्रांसप्लांट हुआ हो या कैंसर की वजह से कीमोथेरेपी दी जा रही हो. एचआईवी पॉजिटिव हो, सांस संबंधी बीमारी हो या बाईपास सर्जरी हो चुकी हो.

प्रधानमंत्री की घोषणा से पहले डीसीजीआई ने ‘कोवैक्सीन’ को 12 से 18 साल के बच्चों को लगाने की मंजूरी दे दी. यही वैक्सीन वयस्कों को लग रही है. दूसरी वैक्सीन जाइडस कैडिला की जायकोव-डी है. इस निडिल फ्री वैक्सीन की तीन डोज लगेंगी. जायडस को 1 करोड़ टीकों का ऑर्डर दिया गया है. कोवैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक का दावा है कि वह हर माह 6 करोड़ डोज बना सकती है. भारत बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू करने वाला 103 वां देश होगा.

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