टाटा मोटर्स ने जीती 5,000 करोड़ रुपए वाली इलेक्ट्रिक बसों की अब तक की सबसे बड़ी बोली

Ygy

केन्द्र सरकार की फेम 2 स्कीम के तहत कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) द्वारा बड़े पैमाने पर 5,450 इलेक्ट्रिक बसों के लिए निकाले गए टेंडर की बोली टाटा मोटर्स ने जीत ली है। भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) द्वारा मंगलवार को निविदाएं खोली गईं थी और इसमें कोलकाता, दिल्ली, बैंगलोर, हैदराबाद और सूरत के पांच प्रमुख शहरों में 5,450 बसों का सबसे बड़ा टेंडर शामिल था।
इस निविदा में भाग लेने वाले अन्य वाहन निर्माताओं में अशोक लीलैंड, ओलेक्ट्रा समूह, वोल्वो समूह और आयशर मोटर्स भी शामिल रहे। टेंडर की सभी पांच श्रेणियों के लिए सबसे कम बोली लगाने वाले के रूप में घोषित होने के बाद टाटा मोटर्स 5,000 करोड़ रुपये की 5,450 इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करेगी। सभी श्रेणियों में एल1 और एल2 बोलीदाताओं के बीच का अंतर 10 रुपये का था।
बोली 5 श्रेणियों में आयोजित की गई थी जिसमें 12 मीटर लो फ्लोर एसी और नॉन एसी ई-बस, 12 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर नॉन-एसी और 9 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी और नॉन-एसी बसें शामिल थीं। टाटा मोटर्स द्वारा बोली गई कीमतें अब तक की सबसे कम कीमत थीं और डीजल बसों की परिचालन लागत के बराबर या करीब थीं।
इन 12 मीटर लो फ्लोर नॉन एसी बसों की कीमत 43.49 रुपये प्रति किमी है जबकि 9 मीटर नॉन एसी बस के लिए यह 39.21 रुपये प्रति किमी है। 12 मीटर लो फ्लोर एसी बस के लिए मूल्य 47.49 रुपये प्रति किमी और 12 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बस के लिए 44.99 रुपये प्रति किमी है। टाटा मोटर्स की ओर से 9 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी बस के लिए सबसे कम बोली 41.45 रुपये प्रति किलोमीटर थी। कीमतों में चार्जिंग के लिए बिजली की लागत भी शामिल है।
टाटा मोटर्स की 12 मीटर स्टैंडर्ड फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बस के लिए 44.99 रुपये प्रति किमी की सबसे कम बोली के मुकाबले, स्विच मोबिलिटी ने 53.99 रुपये प्रति किमी, जबकि 9 मीटर एसी बस के लिए एवी ट्रांस ने 54.27 रुपये प्रति किमी और 53.12 रुपये प्रति किमी की बोली लगाई थी। ये बसें भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली फेम-2 सब्सिडी का लाभ उठाएंगी जो बदले में 361 करोड़ रुपये से संबंधित होगी, जिसका इस्तेमाल अतिरिक्त ई-बसों की खरीद के लिए किया जा सकता है।
अनुबंध की शर्तें 12 साल की अवधि के लिए हैं, जिसमें प्रति बस 10 लाख किलोमीटर का आश्वासन दिया गया है। गणना के अनुसार टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक बसें अगले 12 वर्षों में लगभग 4.71 बिलियन किलोमीटर का संचालन करेंगी। यह 1.88 बिलियन लीटर डीजल बचाने को बचाने में मदद करेगा और इसके परिणामस्वरूप 3.31 मिलियन टन CO2 टेलपाइप उत्सर्जन होगा, जिससे जलवायु परिवर्तन के मामले में मजबूत प्रगति होगी।
इस टेंडर के तहत भारत में कुल मिलाकर 25,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिनमें से 10 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इसमें नई निर्माण सुविधाओं के माध्यम से सृजित कोई अतिरिक्त रोजगार शामिल नहीं है। बता दें कि टाटा मोटर्स इन दिनों इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में भी भारत की सबसे बड़ी निर्माता है और इसकी नेक्सन ईवी और टिगोर ईवी मार्केट की लीडर है। कंपनी भविष्य में भी कर्व ईवी के साथ कई नए इलेक्ट्रिक वाहनों को विकसित करने की योजना बना रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.