निक्षय पोर्टल पर निजी चिकित्सक स्वयं करें TB रोगियों का पंजीकरण, नहीं तो होगी कार्यवाही

वाराणसी. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सभी क्षय रोगियों (निजी अस्पतालों तथा सरकारी अस्पतालों) का निक्षय पोर्टल पर नोटिफिकेशन करना अनिवार्य है. जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि निक्षय पोर्टल पर निजी चिकित्सक स्वयं क्षय रोगियों का पंजीकरण करें. ऐसा न करने और सूचना पाए जाने पर उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी.

सीएमओ डॉ संदीप चौधरी ने कहा कि वर्ष 2019 से 31 दिसंबर 2021 तक निजी चिकित्सकों, चिकित्सालयों व निजी संस्थानों के क्षय रोगियों का पंजीकरण कराने के लिए एक संस्था काम कर रही थी. लेकिन अब जनपद में निजी चिकित्सकों,चिकित्सालयों, मेडिकल स्टोर या लैब को क्षय रोगियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी स्वयं ही निभानी होगी। अन्यथा की स्थिति में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 269 व 270 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी.

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राहुल सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर के बाद संस्था का कार्यकाल समाप्त होते ही उनके द्वारा प्राइवेट नोटिफिकेशन के कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है और लगातार इस कार्य में कोताही बरती जा रही है. जबकि सरकार द्वारा निजी चिकित्सकों को प्रति क्षय रोगी के नोटिफिकेशन करने के लिए 500 रुपये और उपचार पूरा होने पर आउटकम देने के लिए भी 500 रुपये दिये जाते हैं. उन्होने कहा कि जिन निजी चिकित्सालयों/चिकित्सकों के अंतर्गत क्षयरोगियों का उपचार चल रहा है, उस चिकित्सालय/चिकित्सक से नामित व्यक्ति ही एक जनवरी 2022 से निक्षय पोर्टल पर क्षय रोगियों के पंजीकरण का कार्य करेंगे. इसके साथ ही उनके नमूनों की जांच के लिए स्पुटम कलेक्शन और अस्पताल पर ही सैम्पल पैकेजिंग का भी काम करेंगे.

IMA से की अपील

जिला क्षय रोग अधिकारी ने समस्त राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है कि शासन के निर्देश के क्रम में नये टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन कराना हमारी जिम्मेदारी है. अतः आप सभी लोग शत-प्रतिशत क्षय रोगियों का नोटिफिकेशन करना सुनिश्चित करें. इस विषय पर जिलाधिकारी ने भी गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है.

इन नंबरों पर किया जा सकता है संपर्क-निक्षय पोर्टल से संबन्धित किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर डीपीसी संजय चौधरी (9453359781) व पीपीएम समन्वयक नमन गुप्ता (8840285287) से प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक कार्यादिवस पर सम्पर्क किया जा सकता है. उन्होने बताया कि इसी माह अभी तक 12 निजी चिकित्सकों/चिकित्सालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जिसकी सूचना उनके संबन्धित थानों में भी भेजी जा चुकी है.

क्या है आईपीसी 269:

लापरवाही से काम करने से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की संभावना है, जो कोई भी अनजाने में या लापरवाही से कोई ऐसा कार्य करता है जो वह जानता है या उसके पास है. यह विश्वास करने के लिए कि जीवन के लिए किसी भी बीमारी के खतरे के संक्रमण को फैलाने की संभावना है, को किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे बढ़ाया जा सकता है छह महीने तक, या जुर्माना, या दोनों के साथ.

क्या है आईपीसी 270 :

घातक कार्य से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण फैलने की संभावना है जो कोई भी किसी ऐसे कार्य को करता है जो जीवन के लिए खतरनाक किसी भी बीमारी के संक्रमण को फैलाने की संभावना है, और जिसके बारे में वह जानता है या विश्वास करने का कारण है, उसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना.