‘जहां शिव-सरस्वती-कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है’: The Kashmir Files में दिखेगी कश्मीर के घाटी में हुए हिन्दुओं के नरसंहार की सच्चाई

अनुपम खेर हमेशा से अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं. साथ ही मिथुन चक्रवर्ती और दर्शन कुमार अगर साथ हों, तो इस फिल्म को हिट होने से कोई रोक नहीं सकता. लेकिन जब बात एक सच्ची, दिल दहला देने वाली घटना पर हो, तो लोगों द्वारा सहानुभूति मिलना तो तय है.

डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का ट्रेलर जी स्टूडियो पर रिलीज़ कर दिया गया है. जिसे दर्शकों द्वारा भरपूर रिस्पांस मिल रहा है. यह फिल्म 11 मार्च को रिलीज़ के लिए तैयार है. इसे 90 के दशक में कश्मीर में हिन्दुओं पर हुए हमले और पलायन की व्यथा दिखाने के लिए बनाया गया है.

ट्रेलर की शुरुआत मुस्लिमों की एक भीड़ से होती है. जिसमें उनका कमांडर सैनिकों की संख्या को गिन रहा होता है. साथ ही दीवार पर ‘मुसलमानों जागो’ का सन्देश लिखा होता है. दूसरे सीन में एक कश्मीरी नेता बता रहा होता है कि उसने 20-25 कश्मीरी पंडितों की जान ली है. पूछने पर वो कहता है कि उनके (जिहादियों) के कहने पर वो अपने भाई और यहां तक की अपनी मां को भी मार देता. फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती कहते हैं कि इसे ‘पलायन (Exodus)’ नहीं, ‘नरसंहार (Genocide)’ कहिए.

अनुपम खेर हर रोल में फिट बैठते हैं. उन्होंने फिल्म में ऐसे ही एक पीड़ित कश्मीरी पंडित का किरदार निभाया है, जिसे मुस्लिमों ने घर छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था. एक मुस्लिम कह रहा होता है कि पंडितों को किसी ने नहीं भगाया, बल्कि वो खुद गवर्नर (जगमोहन) से मिल कर भागे. ‘जहाँ शिव-सरस्वती-ऋषि कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है… जहाँ पंचतंत्र लिखा गया, वो कश्मीर हमारा है’ – ट्रेलर में अनुपम खेर ये कहते दिखते हैं. किस तरह कश्मीरी हिन्दुओं पर अत्याचार हुए, इसे बिना किसी पक्षपात के दिखाया गया है. एक सीन में अनुपम खेर भगवान शंकर का रूप धारण किए हुए दिखाई देते हैं, जिसपर जिहादियों ने बन्दूक साध रखा है. इस सीन में भी we अपने लिए ऑडियंस बटोर लेते हैं.

द कश्मीर फाइल्स के एक सीन में अभिनेता अनुपम खेर

फिल्म में जम्मू कश्मीर को लेकर होती राजनीति और ‘आज़ादी’ के नारे को भी सही तरीके से उकेरा गया है. विवेक अग्निहोत्री की फिल्मों में वामपंथियों को अक्सर बेनकाब किया जाता है. अनुपम खेर का डायलॉग ‘आज़ादी इज अ सॉन्ग ऑफ टेररिज्म’ हो या फिर एक अन्य अभिनेता का डायलॉग ‘पद्मश्री आपको खामोश रहने के लिए मिला था’, इस व्यथा और उसके बाद की पृष्ठभूमि को दर्शाती है. इतनी पीड़ा और अत्याचार के बावजूद कश्मीरी पंडितों ने आज तक बन्दूक नहीं उठाई, इस ओर भी ध्यान दिलाया गया है.

फिल्म के ट्रेलर में अभिनेता दर्शन कुमार को भी महत्वपूर्ण किरदार में देखा जा सकता है. बच्चों की बेरहम हत्याएँ हों या फिर महिलाओं के साथ बलात्कार, इस फिल्म में मुस्लिम भीड़ के हर एक अत्याचार को दिखाया गया है. लोगों ने कहा कि जब ट्रेलर देख कर आँखों में आँसू आ गए तो फिल्म देख कर क्या होगा. लोगों ने इसकी सराहना करते हुए लिखा कि ऐसी कहानियाँ हर एक व्यक्ति तक पहुँचनी चाहिए.

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