Mahashivratri 2022: धूमधाम से निकली शिव बारात,भूत-पिशाच, औघड़ बने बाराती

वाराणसी.फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को देवाधिदेव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाता. इस बार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग के साथ ही केदार योग का महासंयोग निर्मित हो रहा है. इस महासंयोग में की गई महादेव की आराधना पुण्यफलदायी और सर्वमनोरथ को पूर्ण करने वाली है.

वही,महाशिवरात्रि पर शाम होते ही अपने तय समय पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शिव बारात निकाली गई. मैदागिन से निकली भोलेनाथ की बारात में काशीवासी बराती बने. शिव की बारात में देवता, दानव, असुर, गंधर्व, किन्नर और औघड़ शामिल नाचते-झूमते शामिल हुए.

मैदागिन से बाबा विश्वनाथ दरबार के लिए महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात निकाली गई. इसमें गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली. शिव बारात बाबा विश्वनाथ दरबार में पहुंचेगी, जहां शिव और गौरा का विवाह संपन्न होगा.

बाबा भोले की शादी में शामिल श्रद्धालु बारात में झूमते नजर आये। लाग-विमान व वाद्य यंत्रों के साथ जब बारातियों का रेला सड़कों पर उतरा तो किनारे, छत-बारांदे-गली, चौबारे पर खड़े श्रद्धालु भी झूमने से खुद को रोक न सके.

बारात में हर हर महादेव उद्घोष संग मां भारती की जयकारे भी लगे. हाथी-घोड़ा-ऊंट, भूत-पिशाच, ढोल -नगाड़े, बैंडबाजों ने बारात को भव्य रूप दिया. अबीर-गुलाल से माहौल होलियाना हो गया। बारात दारानगर, मैदागिन, चौक, बांसफाटक होते दशाश्वमेध घाट पहुंचकर समाप्त होगी.

वहीं अर्दली बाजार में महाविर मंदिर से निकली शिवबारात में डीजे, ढोल शहनाई के साथ भोलेनाथ की भव्य प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही. विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की झांकी ने लोगों का मनमोह लिया. ढोल नगाड़ों पर बाराती थिरकते नजर आए. क्षेत्रीय निवासियों ने अपने घरों की छतों पर खड़े होकर पुष्प वर्षा भी कि. डीजे के धुन पर युवाओं ने जमकर डांस किया और शिव पार्वती के जयकारे भी लगाए.

देखें फोटो