शीतला सप्तमी/अष्टमी: मथुरा में मुस्लिमों ने हिन्दू महिलाओं को ‘बसौड़ा पूजा’ करने से रोका, कहा, “मस्जिद के पास भीड़ मत लगाओ”

फोटो – प्रतीकात्मक

बसौड़ा पूजा हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है. जिसे मुख्यत: यूपी और बिहार में अधिकतर लोग मनाते हैं. वहीँ भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में बुधवार को कुछ मुस्लिमों ने हिंदू महिलाओं को इस पूजा को करने से रोक दिया. करीब 20-25 महिलाएं हिंदू धर्म के रीति रिवाज के अनुसार, शीतला मां की पूजा करने के लिए ईदगाह मस्जिद के पास कुएं के पास इकट्ठी हुई थी. लेकिन हिंदू महिलाओं को वहां देख मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद के पास भीड़ लगाने के आरोप लगाकर बवाल खड़ा कर दिया. जिसके बाद हिंदू और मुसलमानों में कुछ झड़पें भी हुई.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह 5:00 बजे हिंदू महिलाएं ईदगाह मस्जिद के पास स्थित कुएं पर पूजा करने के लिए गई थी. लेकिन जैसे ही वहां महिलाएं पहुंची तभी एक विशेष धर्म का कट्टरपंथ जाग गया. और हिन्दू धर्म की पूजा उनके आँखों में चुभने लगी. मुस्लिम कट्टरपंथीयों को शीतला मां की पूजा शायद अच्छी नहीं लगी. इसलिए उन्होंने वहां पर पूजा करने से मना किया. बवाल बढ़ने पर मौके पर गोविंद नगर पुलिस पहुंची और मामले को शांत कराने की कोशिश की. पुलिस ने मुस्लिमों को इस पूजा के बारे में बताया मगर कट्टरपंथी सभ्यता को मानने वाले कहां इन सब चक्कर में पड़ने वाले हैं. लिहाजा मुस्लिम मानने को तैयार ही नहीं थे. हालात बिगड़ते देख पुलिस को भारी संख्या में फोर्स की तैनाती करनी पड़ी जिसके बाद महिलाओं ने वहां पर शांति पूर्वक पूजा अर्चना की.

बता दें कि इससे पहले भी उसी उसी ईदगाह मस्जिद के पास महिलाएं कई सालों से पूजा करती थी और हिंदू धर्म के कई अनुष्ठान यहां पर किए जाते हैं. जबकि वहां के कट्टरपंथियों का कहना है कि इससे पहले वहां पर ऐसे कोई पूजा भी नहीं होती थी. सीईओ अभिषेक मिश्रा के मुताबिक, यह यहां की स्थानीय परंपरा है और इसे होना देना चाहिए.

बच्चों की सलामती के लिए की जाती है यह पूजा

बसौड़ा पूजा हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है जिसे मौसम के परिवर्तन के साथ ही मनाया जाता है हिंदू समुदाय अपने बच्चों की सलामती के लिए इस दिन बड़ी संख्या में शीतला माता की पूजा करते हैं हिंदू धर्म में शीतला माता को चिकन पॉक्स और कई तरह के त्वचा रोगों से राहत देने वाली देवी माना जाता है इसमें महिलाएं पूजा से 1 दिन पहले देवी के लिए स्वादिष्ट भोजन का प्रसाद बनाती हैं और इससे बाकी बनाने के लिए अलग रहती है इस दिन भक्त गर्मी और गर्म पदार्थों से दूर रहते हैं क्योंकि देवी का नाम ही शीतला है और उन्हें शीतल पदार्थ पसंद है इसके अलावा घरेलू काम में ठंडे पानी का भी इस्तेमाल करते हैं 24 घंटे के बाद फिर से गर्म चीजों का सेवन किया जाता है बसौड़ा पूजन को शीतला सप्तमी शीतला अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है यह त्यौहार हिंदू कैलेंडर की चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के आसपास मनाया जाता है.

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