राम जन्मभूमि के बगल में द्रविड़ शैली में बनकर तैयार हुआ रामलला देवस्थानम मंदिर, सीएम योगी करेंगे भव्य श्री राम मंदिर का उद्घाटन

हिन्दुओं के गर्व राम मंदिर के लिए एक अच्छी खबर है. दक्षिण भारतीय हिन्दू स्थापत्य कला पर आधारित द्रविड़ शैली पर रामकोट में रामलला देवस्थानम मंदिर बनकर तैयार हो गया है. श्री राम जन्मभूमि से 300 मीटर की दूरी पर नवनिर्मित मंदिर से सम्पूर्ण अयोध्या नगरी को भव्यता प्रदान हो रही है. रामकोट की धार्मिक आभा से सम्पूर्ण अयोध्या नगरी की सुन्दरता देखते ही बन रही है. इस नये मंदिर का उद्घाटन एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे.

दक्षिण भारत के द्रविड शैली में रामलला देवस्थान मंदिर का निर्माण दक्षिण भारतीय कुशल कारीगरों ने तीन साल में किया है. द्रविड़ शैली पर आधारित इस मंदिर में श्री राम ,सीता, भरत, हनुमान एवं शत्रुघ्न की प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा. तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पत्थरों से भगवान की दिव्य प्रतिमा मंगाई गई है. जिसे मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा. मंदिर के गर्भगृह में अर्ध्दमंडप, पूर्ण मंडप, गोपुरम, गरुड़ स्तंभ एवं बलि पीठ के रुप में सात प्रखंत स्थापित किया गया है. मंदिर में दो सिंह द्वार बनाए गए है. द्रविड़ शैली बने दोनों सिंह द्वारा में द्वार में भगवान के 24 अवतारों और देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गई है. इस द्वार को राज गोपुरम भी कहा जाता है. मंदिर में भगवान 31 मई से 4 जून तक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है.

प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवस्थानम मंदिर में होने वाले भगवान के प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी बनेंगे. वे एक जून को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे. महोत्सव को लेकर मंदिर तैयारियां चल रही है. मंदिर का निर्माण रामकथा के मर्मज्ञ जगतगुरु डॉ राघवाचार्य ने कराया है. उन्होंने बताया कि श्रीरामलला की असीम कृपा से अत्यंत प्राचाीन श्रीरामलला सदन देवस्थानम के जीर्णोद्धार करके दक्षिणात्य शैली पर भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण किया गया है. प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव नारद पांचरात्रगम विधि से संपन्न कराया जाएगा.