Rajasthan: भगवान शिव की यह प्रतिमा है दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा, जानिए इसकी खासियत

दुनिया में सबसे ऊंची मानी जाने वाली भगवान शिव की ‘विश्व स्वरूपम’ प्रतिमा का शनिवार को राजस्थान के राजसमंद जिले में उद्घाटन किया जाएगा. आध्यात्मिक गुरु मोरारी बापू राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी सहित अन्य की मौजूदगी में प्रतिमा का अनावरण करेंगे. नाथद्वारा स्थित 369 फुट ऊंची प्रतिमा आज से जनता के लिए खोल दी जाएगी. ट्रस्टी और मिराज ग्रुप के चेयरमैन मदन पालीवाल ने बताया कि प्रतिमा के उद्घाटन के बाद नौ दिनों तक चलने वाला सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा.

20 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगी प्रतिमा

टाट पदम संस्थान द्वारा निर्मित इस प्रतिमा को बनने में 10 साल लगे और इस परियोजना की नींव भी तत्कालीन सीएम गहलोत ने अगस्त 2012 में रखी थी. प्रतिमा भगवान शिव को ध्यान मुद्रा में चित्रित करती है और लगभग 51 बीघा क्षेत्र को कवर करते हुए एक पहाड़ी की चोटी पर बनाई गई है. लोकप्रिय पर्यटन स्थल उदयपुर से 45 किलोमीटर दूर स्थापित बताया जाता है कि 20 किलोमीटर की दूरी से भी यह प्रतिमा दिखाई देगी. विशेष रोशनी से लैस यह प्रतिमा रात के समय भी साफ दिखाई देगी.

यह है खासियत

संस्थान के प्रवक्ता जयप्रकाश माली ने बताया कि प्रतिमा में 4 लिफ्ट, 3 सीढ़ियां और आगंतुकों के लिए एक विशाल प्रार्थना कक्ष है. संरचना के निर्माण में लगभग 3 हजार टन लोहे और स्टील का उपयोग किया गया है, जिसे जंग से सुरक्षा प्रदान करने के लिए जस्ता मिश्र धातु के साथ लेपित किया गया है. संरचना का परीक्षण 250 किमी प्रति घंटे की हवा की गति का सामना करने के लिए किया गया है और यह अगले 250 वर्षों तक चलेगा. परिसर में पर्यटकों के लिए साहसिक खेल गतिविधियां, फूड कोर्ट और कैफे, खरीदारी और बहुत कुछ शामिल होगा.