Mahashivratri 2022: भारत के अद्भुत 5 शिवलिंग जिनका बढ़ रहा है आकार, चमत्कार से विज्ञान भी हैरान

हिन्दू धर्म में तैंतीस कोटि देवी-देवता बताए गए हैं. हर देवी-देवता के अपने अलग –अलग रूप हैं. लेकिन शिव ही एक मात्र ऐसे देवता हैं, जो निरंकार हैं और वे ओंकार स्वरुप में हैं. इसलिए उनका पूजन शिवलिंग के रूप में होता है. दुनिया भर में लाखों शिवलिंग हैं. कुछ शिवलिंग ऐसे भी हैं, जिनपर प्रकृति की कृपा सदैव बरसती रहती है. आज हम कुछ ऐसे शिवलिंग के बारे बताएंगे, जिनका आकार हर वर्ष कुछ पैमाने पर बढ़ता जाता है. शायद आपको यह जानकर आश्चर्य होगा लेकिन यह सच है.

श्री तिल भांडेश्वर महादेव मंदिर (Shri Tilbhandeshwar Mahadev Temple Kashi)

काशी का तिल भांडेश्वर मंदिर अत्यंत ही प्राचीन है. इस मंदिर का नाम इसके आकार के वजह से पड़ा है. मान्यता है कि यह मंदिर प्रतिदिन तिल भर बढ़ जाता है. महाशिवरात्रि और सावन के दिनों में यहां पैर रखने तक की जगह नहीं होती. महादेव का यह मंदिर काशी के सोनारपुरा क्षेत्र में पड़ता है. इस मंदिर का जिक्र शिवपुराण में भी है.

मुरुदेश्वर महादेव मंदिर (Murudeshwar Mahadev Temple Godhra)

गुजरात के गोधरा में स्थित मुरुदेश्वर महादेव के इस मंदिर प्रकृति की कृपा सदैव बनी रहती है. इस मंदिर में शिवलिंग का आकार वर्ष में चावल के दाने जितना बढ़ जाता है. मान्यता है कि जिस दिन ये शिवलिंग धरती में समा जाएंगे. उस दिन धरती पर बड़ा प्रलय आएगा.

मतंगेश्वर शिवलिंग खजुराहो (Matangeshwar Shivling Khajuraho)

खजुराहो स्थित इस शिवलिंग का आकार धरती के ऊपर और नीचे हर साल लगातार बढ़ रहा है. मान्यता है कि मंदिर में स्थित शिवलिंग 9 फीट जमीन के अंदर और उतना ही बाहर भी है. यही नहीं इसके अलावा मंदिर में मौजूद इस शिवलिंग की हर साल शरद पूर्णिमा के दिन एक इंच लंबाई बढ़ती है. इसे यहां के अधिकारी इंची टेप से नापते हैं. मंदिर की विशेषता यह है की यह शिवलिंग जितना ऊपर है की तरफ बढ़ता है उतना ही नीचे की तरफ भी बढ़ता है.

भूतेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ (Bhooteshwar Mahadev Chhattisgarh)

भूतेश्वर नाथ महादेव के नाम से प्रसिद्ध इस प्रकृति प्रदत्त शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हर साल इसका आकार दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है. शिवलिंग की यह खासियत भक्तो के लिए तो चमत्कार है, परंतु वैज्ञानिको के लिए शोध का विषय है. इस प्राकृतिक शिवलिंग की ऊचांई लगभग 18 फ़ीट व चौडाई (गोलाई) 20 फ़ीट है. सरकारी विभाग द्वारा प्रतिवर्ष इस शिवलिंग की जाँच की जाती हैं. उनके अनुसार शिवलिंग प्रतिवर्ष 6 से 8 इंच तक बढ़ रही है.

पौड़ी वाला शिव मंदिर (Paudiwala Shiv Temple)

हिमाचल प्रदेश के खजुराना में स्थित यह मंदिर रावण ने अमरता प्राप्त करने के लिए बनवाया था. ऐसा माना जाता है कि रावण ने मरने से पहले यहां पर स्वर्ग जाने के लिए सीढ़ी बनवाया था. हालांकि अभी तक उसे कोई ढूंढ नहीं पाया है. महाशिवरात्रि के दिन यहां भव्य मेला लगता है.

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