23 अक्टूबर से मां अन्नपूर्णा देंगी दर्शन, वर्ष में मात्र 4 दिन होते हैं मां के इस रूप के दर्शन

बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी काशी में मां अन्नपूर्णा का दर्शन बड़े सौभाग्य वालों को ही मिलता है. वर्ष में मात्र 4 दिन दर्शन देने वाली मां के दर्शनों के लिए भोर से ही लाइन लगना शुरू हो जाता है. इस वर्ष मां की स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन 23 अक्टूबर से शूरु हो रहे हैं. जिसकी जानकारी गुरुवार को मां के मन्दिर के महंत शंकर पूरी ने दी.

भोले बाबा मां से मांगते हैं भिक्षा

महंत शंकर पुरी ने बताया कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के समीप स्थित देवी अन्नपूर्णा का मंदिर बहुत प्राचीन है. मंदिर के प्रथम तल में देवी अन्नपूर्णा स्वर्णमयी स्वरूप में विराजमान है और उनके सामने भोले बाबा भिक्षा मांग रहे हैं. वर्षों पुरानी परंपरा है कि देवी अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा का दर्शन-पूजन साल में मात्र 4 दिन यानी धनतेरस से शुरू होकर प्रतिपदा तक होता है.

ये है मुहूर्त

इस बार धनतेरस की तिथि शाम के समय से शुरू हो रही है. इसलिए 23 अक्टूबर को उदया तिथि में भोर के समय 3 बजे मंदिर में पूजा शुरू होगी और 4 बजे भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे. 23 और 24 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक भक्त दर्शन-पूजन करेंगे.

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25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण के कारण दोपहर 2 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. मोक्ष के एक घंटे बाद रात 7:30 बजे मंदिर के कपाट फिर खोल दिए जाएंगे. 26 अक्टूबर को अन्नकूट मनाया जाएगा और देवी अन्नपूर्णा को 56 प्रकार का भोग लगाया जाएगा. उस दिन भी सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक दर्शन-पूजन होगा.

प्रशासन होगा मुस्तैद

महंत शंकर पुरी ने बताया कि दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालु पहले के जैसे ही श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 से आ सकेंगे. पूर्व की व्यवस्था में कोई फेरबदल नहीं किया गया है. मंदिर में श्रद्धालुओं की मदद के लिए स्वयंसेवक भी तैनात रहेंगे. पूरा मंदिर परिसर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगा. श्रद्धालुओं के सहयोग और सुरक्षा के लिए पहले की ही तरह पुलिस और प्रशासन इस बार भी मुस्तैद रहेगा.