801 किलो का केक काटकर मनाया गया बाबा कालभैरव का जन्मोत्सव, भैरवअष्टमी पर बाबा के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

आज भैरव अष्टमी के दिन काशी में बाबा कालभैरव का जन्मोत्सव मनाया जाता है. कोतवाली स्थित बाबा कालभैरव को रजत मुखौटा धारण करा कर उनका विशेष श्रृंगार किया गया व मंदिर की भव्य सजावट भी की गई. रात में पंचमेवा से बना हुआ 801 किलो का केक काट कर भक्तों में वितरित किया गया तथा आधी रात बाबा काल भैरव का जन्मोत्सव मनाने के साथ ही उनकी महाआरती की जाएगी.

इस खास अवसर पर बाबा कालभैरव के मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा हुआ है. दर्शन-पूजन का यह सिलसिला आधी रात तक जारी रहेगा. बाबा कालभैरव मंदिर के महंत कैलाशनाथ महाराज ने कहा कि भैरव अष्टमी का दिन विशेष पुण्यकारी होता है. आज के दिन बाबा कालभैरव का दर्शन-पूजन करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल मिलता है.

काशी में भैरवजी का विशेष महत्व है. आज के दिन लोग व्रत रह कर आधी रात बाबा कालभैरव की विशेष पूजा करते हैं. बाबा कालभैरव के दर्शन मात्र से ही सभी प्रकार के पापों से मुक्ति पाते हैं और सुख-शांति मिलती है.