काशी के हरिश्चन्द्र घाट पर जलती चिताओं के बीच खेली गई भस्म की होली, देखें फ़ोटोज़

रंगभरी एकादशी के दिन वाराणसी के हरिश्चन्द्र घाट पर चिताभस्म की होली खेली गई. नरमुण्ड पहनकर भूत-पिशाच बने कलाकारों ने जलती चिताओं के बीच करतब दिखाए. इस दौरान घाट पर धधकती चिताओं के बीच दक्षिण भारत से आए कलाकारों ने नृत्य किया व महादेव के भक्तों ने हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ ही बाबा मसाननाथ के गगनभेदी जयकारे भी लगाए.

दक्षिण भारत से आए कलाकार
दक्षिण भारत से आए कलाकार
दक्षिण भारत से आए कलाकार

काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति के अध्यक्ष डोम राजपरिवार के पवन चौधरी ने बताया कि चिता भस्म की होली खेलने से पहले कीनाराम बाबा स्थल से हरिश्चंद्र घाट तक शोभायात्रा निकाली गई थी. बाबा विश्वनाथ के भक्तों ने भूत-पिशाच के रूप में चिता भस्म से होली खेली व दक्षिण भारत से आए कलाकारों ने भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया.

बता दें कि महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म की होली मंगलवार को खेली जाएगी. इस दिन बाबा विश्वनाथ अपने भक्तगणों के साथ महाश्मान में चिता भस्म से सराबोर होंगे. इस बार मसान की होली में ब्रज और द्वारिका के रंग भी घुलेंगे. रंगभरी एकादशी के दूसरे दिन महाश्मशान पर होने वाली चिता भस्म की होली इस साल 15 मार्च को और भव्य रूप में मनाई जाएगी. हरिश्चन्द्र घाट पर बाबा भोलेनाथ के भक्तों ने विविध भूत-प्रेत-पिशाच का स्वांग धरा और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ चिता भस्म की होली खेलने गंगा तट पर पहुंच गए. देखें विडियो-