श्रद्धालुओं के लिए खुल गए बद्रीनाथ धाम के कपाट, फूलों और लाइटों से सजा मंदिर

बद्रीनाथ धाम रविवार की सुबह से भक्तों के लिए खुल गया है. इस दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे. बद्रीनाथ मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है.

अप्रैल के अंत और नवम्बर की शुरुआत के बीच खुला रहता है मंदिर

अलकनंदा नदी के किनारे चमोली जिले में गढ़वाल पहाड़ी ट्रैक में स्थित बद्रीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. यह मंदिर चार प्राचीन तीर्थ स्थलों में से एक है जिसे ‘चार धाम’ कहा जाता है जिसमें यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ भी शामिल हैं. यह उत्तराखंड के बद्रीनाथ शहर में स्थित है. यह हर साल छह महीने (अप्रैल के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच) के लिए खुला रहता है.

हर साल देश-विदेश से आते हैं लाखों श्रद्धालु

केदारनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. वार्षिक चारधाम यात्रा 3 मई को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई. इस महीने की शुरुआत में, राज्य सरकार ने चार धामों में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित कर दिया था. बद्रीनाथ में प्रतिदिन कुल 15,000, केदारनाथ में 12,000, गंगोत्री में 7,000 और यमुनोत्री में 4,000 तीर्थयात्रियों को अनुमति दी जाएगी. यह व्यवस्था 45 दिनों के लिए की गई है. इस वर्ष तीर्थयात्रियों के लिए निगेटिव COVID-19 परीक्षण रिपोर्ट या टीकाकरण प्रमाण पत्र ले जाना अनिवार्य नहीं है. चार धामों में हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं.