Ayodhya Ram Janmbhoomi: 1 जून से गर्भगृह का निर्माण होगा शुरू, आकर्षण का केंद्र होंगे खम्भे

रामभक्तों के लिए ख़ुशी की एक बड़ी खबर है. एक ओर जहां भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है. वहीँ मंदिर प्रांगण में एक जून से राम मंदिर गर्भगृह का निर्माण शुरू होने जा रहा है. शुभारम्भ से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इसका पूजन होगा. घंटों तक चलने वाले इस पूजन समारोह में राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों समेत अयोध्या के कई संत उपस्थित रहेंगे.

वर्तमान के निर्माण कार्य की बात करें तो, इस समय राम मंदिर के चबूतरा का काम चल रहा है. सात लेयर का यह चबूतरा 21 फीट ऊंचा होगा. अभी प्लिंथ के चौथे लेयर का काम चल रहा है, जो सितंबर माह से पहले हर हाल में पूरा किया जाना है. राम मंदिर ट्रस्ट दिसंबर 2023 तक हर हाल में तीन मंजिला राम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण पूरा करने के लिए संकल्पित है. 2023 में ही रामलला गर्भगृह में विराजमान होंगे. इसे देखते हुए राम मंदिर निर्माण समिति ने प्लिंथ के साथ ही मंदिर के गर्भगृह का निर्माण शुरू करने का फैसला कर लिया गया है. गर्भगृह का काम पूजन के बाद एक जून को सुबह शुरू हो जाएगा.

राम मंदिर के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल ने बताया कि पूरे मंदिर परिसर का 7 लेयर का चबूतरा अभी बन रहा है, लेकिन गर्भगृह यानी जहां रामलला विराजमान होंगे उस जगह पर राम चबूतरा 7 लेयर में बन चुका है. अब एक जून से गर्भगृह का काम शुरू होगा. गर्भगृह के लिए अयोध्या की रामघाट कार्यशाला और राजस्थान से तराशे गए पत्थरों को रामजन्मभूमि परिसर में निर्माण स्थल के पास इकट्‌ठा किए जा रहे हैं.

स्थापत्य कला की नजीर

राम मंदिर स्थापत्य कला की नजीर होगी. मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया जा रहा है. सभी स्तंभों में रामकथा के प्रसंगों सहित प्राचीन पद्धति से परिसर में कुल 6400 मूर्तियां उकेरी जाएंगी.

स्तम्भ होंगे आकर्षण का केंद्र

भव्य मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र यहां के स्तंभ होंगे. इन स्तंभों पर देवी-देवताओं की 16 मूर्तियों को शिलापट्ट पर उकेरा जाएगा. रामकथा संग्रहालय में कारीगर इन खंभों में रामकथा के प्रसंगों में वर्णित ऋषि मुनि और देवी-देवताओं की कुल 6400 मूर्तियों को 400 स्तंभों पर आकार देने का काम कर रहे हैं. इसके अलावा रामायण के 100 प्रसंग भी स्तंभों पर नागर शैली के महारथी कलाकार स्थापित करेंगे.

राम मंदिर की नींव 80 फीट गहरी पत्थरों की दीवार से बनी है. इसके ऊपर भी डेढ़ मीटर की पत्थरों की रॉफ्ट ढाली गई है. रॉफ्ट के ऊपर 21 फीट ऊंची ग्रेनाइट पत्थरों की चट्टान बिछाई जा रही है. जो सात लेयर में है. मजबूत चबूतरे पर राम मंदिर का गर्भगृह बनाया जाएगा. मंदिर को प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए तीन तरफ 12 मीटर गहरी दीवार भी बनाई जा रही है. ट्रस्ट राम मंदिर की भव्यता और उसकी मजबूती को लेकर गंभीर है.