रामायण के 10 पात्रों की 10 सीख: विनम्रता और धैर्य श्री राम के जीवन की बहुमूल्य कड़ी, अहंकार में रावण का वंश नाश

देशभर में विजय दशमी की धूम है. अधर्म पर धर्म की जीत को विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है. त्रेता युग में आज ही के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने अहंकार रुपी रावण का वध किया था. रामायण एक ऐसा ग्रन्थ है, जिसका हर एक पृष्ठ, हर एक संवाद हमें कोई न कोई शिक्षा देता है. इसके साथ ही रामायण के हर एक पात्र हमें जीवन के मूल्यों को बताते हैं. आप राम को मानें या ना मानें लेकिन राम और उनकी कहानी के हर एक पात्र आपको जीवन के हर मार्ग पर कोई न कोई शिक्षा देते अवश्य मिल जाएंगे. आइए जानते हैं, रामायण के हर पात्र व उनके द्वारा दिए गए नैतिक मूल्यों के बारे में –

श्री राम

श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. राम कहते हैं कि माता-पिता की बात का पालन करें. परिस्थितियां चाहे जैसी हों, विनम्रता और धैर्य बनाए रखना चाहिए. मित्रों की परेशानियाँ दूर करने के लिए सदैव तत्पर रहें

सीता

विदेह नंदिनी सीता के जीवन की कई कडियाँ हैं. मिथिला राजकुमारी से सन्यासिनी और फिर एक माता होने तक का सफर उन्होंने कठिन परिश्रम करते हुए तय किया है. श्री राम की अर्धांगिनी माता सीता से हमें यह सीख मिलती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जीवन के किसी भी क्षण में पति का साथ नहीं छोड़ना चाहिए. जीवन के हर सुख दुःख में पति का साथ देना चाहिए.

लक्ष्मण

सीता के बाद अब बारी आती है शेषस्वरुप लक्ष्मण की. लक्ष्मण ने जो त्याग किया आज के समय में उतना सामर्थ्य किसी में भी नहीं. लक्ष्मण के जीवन से यह सीख मिलती है कि बड़े भाई और भाभी को माता-पिता की तरह सम्मान करना चाहिए.

रामभक्त हनुमान

हनुमान जी बल व बुद्धि के देवता हैं. उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि अपने स्वामी और आराध्य की सेवा में हर पल तैयार रहना चाहिए. अपनी शक्तियों पर भरोसा रखेंगे तो मुश्किल से मुश्किल काम भी पूरा हो जाएगा.

रावण

रावण एक राक्षस होने के साथ ही परम विद्वान और शिवभक्त था. रावण के जीवन में अहंकार ने सब कुछ नाश कर दिया. रावण के जीवन से यह सीख मिलती है कि अहंकार व अधर्म से बचें. अपने ज्ञान व शक्ति का अनुचित प्रयोग कभी न करें. हर एक महिला का सम्मान करें. कभी किसी को छोटा न समझें भाई का अपमान न करें.

मन्दोदरी

पतिव्रता मंदोदरी से यह सीख मिलती है कि पति यदि कोई गलत काम कर रहा है, तो उसे रोकने की पूरी कोशिश करनी चाहिए.

सुग्रीव

वानरराज सुग्रीव से सीखने योग्य यह है कि मित्र को दिया हुआ वचन कभी न भूलें. मित्र के दुःख दूर करने के लिए पूरी शक्ति के साथ कोशिश करनी चाहिए.

दशरथ

महान प्रतापी राजा दशरथ से यह सीख मिलती है कि कभी किसी को कोई भी वचन बिना सोचे-समझे न दें.

कैकेयी

कैकेयी से हमें यह सीख मिलती है कि कभी किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए. यदि हम बुरे लोगों के बहकावे में आ जाते हैं, तो हमारा जीवन बर्बाद हो जाता है.

भरत

भरत को धर्म का अवतार कहा जाता है. उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि भाइयों के बीच हमेशा प्रेम बनाए रखना चाहिए. इसके साथ ही भाई का जो हक है, उसे प्रेमपूर्वक दे देना चाहिए.